कृषि मंत्री सुबोध उनियाल की सख्त हिदायत - योजना में बरती ढील, तो नपेंगे अफसर

प्रदेश के किसानों की दोगुनी आय करने के लिए संचालित योजनाओं में ढील बरतने वाले अफसरों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत जैविक खेती की प्रगति रिपोर्ट से खफा कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने बृहस्पतिवार को बैठक में विभागीय अधिकारियों को सख्त हिदायत दी। मंत्री ने निर्देश दिए कि जैविक क्लस्टर बनाने के लिए चयन सपोर्टिंग एजेंसियां संतोषजनक कार्य न करें तो उन पर मुकदमा दर्ज कराके ब्लैक लिस्ट किया जाए। बृहस्पतिवार को किसान भवन में परंपरागत कृषि विकास योजना की बैठक में कृषि मंत्री ने कहा कि योजना में जैविक खेती पर धीमी गति से काम हो रहा है। जितनी प्रगति होनी चाहिए थी, उतनी नहीं हुई है। उन्होंने सपोर्टिंग एजेंसियों को निर्देश दिए कार्य की गुणवत्ता में सुधार लाएं। किसानों को प्रशिक्षण व अन्य गतिविधियों की सूचना क्लस्टर वार मुख्य कृषि अधिकारी और मुख्य उद्यान अधिकारी को उपलब्ध कराएं। संबंधित अधिकारी क्लस्टरों में जाकर कार्यों का मूल्यांकन कर रिपोर्ट निदेशक कृषि को देेंगे। क्लस्टर से संबंधित सूचनाएं 15 दिन के भीतर ऑनलाइन करें। योजना में प्रदेश के 3900 क्लस्टरों में 78 हजार हेक्टेयर भूमि जैविक खेती के लिए चयनित हैं। प्रत्येक क्लस्टर में 20 हेक्टेयर का क्षेत्रफल निर्धारित है। उत्तराखंड को जैविक राज्य बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए इस योजना में किसी भी प्रकार की ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में अपर सचिव राम बिलास यादव, निदेशक कृषि गौरी शंकर, रेशम निदेशक एके यादव, संयुक्त सचिव महिमा, मिशन निदेशक उद्यान संजय श्रीवास्तव, प्रबंध निदेशक जैविक विकास परिषद विनय कुमार, डॉ. जेसी कैंम समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।