करोड़ों रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले की एसआईटी जांच के लपेटे में समाज कल्याण विभाग के रिटायर अफसर भी आ रहे हैं। एसआईटी ने शासन से दो और रिटायर्ड अफसरों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी है। इनमें एक तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी और दूसरा सहायक समाज कल्याण अधिकारी है। शासन पहले ही विभाग के छह अधिकारियों के खिलाफ केस चलाने की इजाजत दे चुकी है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में जिला समाज कल्याण अधिकारी व सहायक समाज कल्याण अधिकारी के पदों से रिटायर्ड दो लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति के लिए सचिव समाज कल्याण को पत्र लिखा था।
न्याय विभाग से राय मांगी
एसआईटी के इस पत्र पर विभाग ने न्याय विभाग से राय मांगी। सूत्रों के मुताबिक, न्याय विभाग ने अपनी सहमति दे दी है। माना जा रहा है कि एक दो दिन में शासन दोनों रिटायर्ड अफसरों के खिलाफ केस चलाने की अनुमति दे देगा।
अभी तक शासन जनजातीय कल्याण विभाग के उपनिदेशक व तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर, समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक गीताराम नौटियाल, तत्कालीन सहायक समाज कल्याण अधिकारी सोम प्रकाश, मुनीश कुमार त्यागी व विनोद कुमार नैथानी के खिलाफ केस चलाने की अनुमति दे चुका है। इनके अलावा विभाग के दो ऐसे अधिकारियों के मामले में भी मुकदमा चलाने की अनुमति दी जा चुकी है, जिनका निधन हो चुका है।
अभी तक शासन जनजातीय कल्याण विभाग के उपनिदेशक व तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर, समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक गीताराम नौटियाल, तत्कालीन सहायक समाज कल्याण अधिकारी सोम प्रकाश, मुनीश कुमार त्यागी व विनोद कुमार नैथानी के खिलाफ केस चलाने की अनुमति दे चुका है। इनके अलावा विभाग के दो ऐसे अधिकारियों के मामले में भी मुकदमा चलाने की अनुमति दी जा चुकी है, जिनका निधन हो चुका है।