पैसिफिक मॉल के सेल्फ एसेसमेंट (स्वकर निर्धारण प्रपत्र) में गड़बड़ी करने के मामले में नगर निगम ने पैसिफिक डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। दूसरी बार हाईकोर्ट जाने पर भी जज ने मामले को नहीं सुना है। इसके बाद बृहस्पतिवार को नगर निगम कोई बड़ी कार्रवाई कर सकता है। नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने शहर के 50 प्रतिष्ठानों द्वारा भरे गए सेल्फ असेसमेंट फार्म की जांच कराई थी। जिनमें से पैसिफिक मॉल प्रबंधन समेत 15 प्रतिष्ठानों द्वारा सेल्फ असेसमेंट में गड़बड़ी करने की बात सामने आई थी। जिस पर नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने पैसिफिक डेवलपमेंट कारपोरेशन लि. द्वारा भरे गए सेल्फ असेसमेंट फॉर्म का भौतिक सत्यापन कराया था। जिसमें काफी बढ़े स्तर पर टैक्स की हेराफेरी की गई थी। बताया गया है कि मॉल का एरिया काफी अधिक है, लेकिन असेसमेंट कम किया गया था। जिसके बाद नगर आयुक्त ने बीते छह दिसंबर को खुद मामले की सुनवाई की। उन्होंने पैसिफिक डेवलपमेंट कारपोरेशन लि. को टैक्स में आ रहे अंतर को चार गुना जुर्माने के साथ 4,89,92,032 रुपये जमा करने के आदेश दिया था।
जिस पर प्रबंधन ने केवल 40 लाख रुपये जमा कराए। इसी बीच पैसिफिक डेवलपमेंट कारपोरेशन लि. प्रबंधन सिविल कोर्ट चला गया था, जहां से कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद हाईकोर्ट में जाने पर वहां से भी राहत नहीं मिली। सिविल कोर्ट ने छह जनवरी तक निगम में टैक्स जमा करने का आदेश दिया था। इसके बाद प्रबंधन फिर से हाईकोर्ट चला गया, जहां बुधवार को इस मामले की सुनवाई होनी थी लेकिन न्यायाधीश ने प्रबंधन की याचिका पर सुनवाई नहीं की।
उधर, पैसिफिक मॉल के मीडिया प्रभारी शिवम त्रिवेदी का कहना है कि हाईकोर्ट से मामले में अगली तारीख मिली है, लेकिन तारीख क्या है, इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। वहीं, चार फरवरी तक निगम को चल-अचल संपत्ति का ब्योरा उपलब्ध कराने के बाबत कोई जानकारी नहीं है।
नहीं मिली पैसिफिक मॉल प्रबंधन को हाईकोर्ट से राहत, बड़ी कार्रवाई कर सकता है नगर निगम